होली पर्व तिथि व मुहूर्त 2019

वैसे तो हर त्यौहार का अपना एक रंग होता है जिसे आनंद या उल्लास कहते हैं लेकिन हरे, पीले, लाल, गुलाबी आदि असल रंगों का भी एक त्यौहार पूरी दुनिया में हिंदू धर्म के मानने वाले मनाते हैं। यह है होली का त्यौहार इसमें एक और रंगों के माध्यम से संस्कृति के रंग में रंगकर सारी भिन्नताएं मिट जाती हैं और सब बस एक रंग के हो जाते हैं वहीं दूसरी और धार्मिक रूप से भी होली बहुत महत्वपूर्ण हैं। मान्यता है कि इस दिन स्वयं को ही भगवान मान बैठे हरिण्यकशिपु ने भगवान की भक्ति में लीन अपने ही पुत्र प्रह्लाद को अपनी बहन होलिका के जरिये जिंदा जला देना चाहा था लेकिन भगवान ने भक्त पर अपनी कृपा की और प्रह्लाद के लिये बन

जानिए क्या है होलाष्टक

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन शुक्लपक्ष अष्टमी होलाष्टक तिथि का आरंभ है। इस तिथि से पूर्णिमा तक के आठों दिनों को होलाष्टक कहा गया है। इस वर्ष होलाष्टक 14 मार्च से आरंभ होंगे  होलाष्टक अवधि भक्ति की शक्ति का प्रभाव दिखाने की है। सत्ययुग में हिरण्यकश्यपु ने घोर तपस्या करके भगवान विष्णु से अनेक वरदान पा लिए।

क्या देश की घटनाओं में ग्रहों का योगदान है

देश की गंभीर समस्या पर बरेली के नितिन टंडन जी हिमाचल के श्री दिलीप गौतम जी इलाहाबाद से श्री नागेंद्र तिवारी जी ने इस चर्चा में सहयोग किया है इसके लिए शुक्ला वैदिक ज्योतिष संस्थान आप सभी का हृदय से आभारी है

महाशिवरात्रि मुहूर्त

महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण त्योहार होता है। इस पर्व पर वो शंकर भगवान के लिए व्रत रखकर खास पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, महिलाओं के लिए महाशिवरात्रि का व्रत बेहद ही फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से अविवाहित महिलाओं की शादी जल्दी होती है, वहीं, विवाहित महिलाएं अपने सुखी जीवन के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं। महाशिवरात्रि पर दिनभर शिवजी की पूजा की जाती है। वहीं प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद रात और दिन के बीच का समय पूजा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय की गई पूजा से भगवान शिव बहुत जल्दी ही खुश हो जाते हैं। वहीं इसके बाद र

महाशिवरात्रि से पहले इस तरह करें पूजन की तैयारियां

4 मार्च 2019 को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था. कहते हैं कि महाशिवरात्रि में किसी भी प्रहर अगर भोले बाबा की आराधना की जाए तो भोले त्रिपुरारी दिल खोलकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं. महाशिवरात्रि भगवान शिव के पूजन का सबसे बड़ा पर्व है. फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. त्योहार से पहले ही तैयारियां कर लेना बेहतर होता है.

महाशिवरात्रि से पहले ऐसे करें तैयारियां-

 - नहाकर हल्के सफेद या हल्के गुलाबी रंग के कपड़े पहनें.

21 जनवरी सुबह तक रहेगा चंद्र ग्रहण, जानें ये बातें

 सुपर ब्लड मून 20 और 21 जनवरी को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण तो होगा ही साथ ही यह सुपर ब्लड मून और वूल्फ मून भी होगा। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। Super Blood Wolf Moon: Timings: पूर्ण चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को पूर्वान्ह 2:36 UTC (Universal Time Coordinated) पर शुरू होगा जो कि 7:52 UTC (Universal Time Coordinated) तक रहेगा। यह वेस्टर्न हेमीस्फेयर में दिखाई देगा। नोर्थ अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका और साउथ अमेरिका में दिखाई देगा। भारत, ऑस्ट्रेलिया में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। हालांकि ज्योतिषियों की मानें तो यह भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसका भारत में असर नहीं है। फिर भी सूतक काल का ध्य

ज्योतिष में रोग फलित विचार। 100%सटीकता के साथ।

मैं,रवि कुमार ज्योतिष का एक विद्यार्थी हूँ,इलाहाबाद का रहने वाला हूँ, एक मरीज के बारे में मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या स्थिति होगी ,तो मैंने उनके बारे में जानने के लिए पी. सी.शुक्ला सर जी, जो इज्जत नगर, बरेली में रहते हैं, रेल विभाग में कार्यरत हैं, आपसे संपर्क किया,जिसके बारे में उनकी एक -एक गणना सही थी गणना के कुछ तथ्य आप लोगो को बताना चाहता हूँ -
- 1/12/18को मरीज को एडमिट किया गया ,तो सर ने बताया कि लीवर की,ब्लड की, यूरिन की और कब्ज की,भूख न लगने की समस्या होगी जो बिल्कुल सही थी
-- उन्होने बताया कि 7/12/18 तक प्रापर दवा शुरू 
नहीं हो पायेगी ,ऐसा ही हुआ

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