महाशिवरात्रि मुहूर्त

महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण त्योहार होता है। इस पर्व पर वो शंकर भगवान के लिए व्रत रखकर खास पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, महिलाओं के लिए महाशिवरात्रि का व्रत बेहद ही फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से अविवाहित महिलाओं की शादी जल्दी होती है, वहीं, विवाहित महिलाएं अपने सुखी जीवन के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं। महाशिवरात्रि पर दिनभर शिवजी की पूजा की जाती है। वहीं प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद रात और दिन के बीच का समय पूजा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय की गई पूजा से भगवान शिव बहुत जल्दी ही खुश हो जाते हैं। वहीं इसके बाद रातभर जागरण कर के रात के चारों प्रहर में पूजा करने से शिवजी बहुत जल्दी खुश हो जाते हैं।

  • महाशिवरात्रि की पूजा ऐसे करें

व्रत रखेने वाले दिनभर शिव मंत्र (ऊं नम: शिवाय) का जाप करें तथा पूरा दिन निराहार रहें। (रोगी, अशक्त और वृद्ध दिन में फलाहार लेकर रात्रि पूजा कर सकते हैं।) शिवपुराण में रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा का विधान है। शाम को स्नान करके किसी शिव मंदिर में जाकर अथवा घर पर ही पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके त्रिपुंड एवं रुद्राक्ष धारण करके पूजा का संकल्प इस प्रकार लें-

ममाखिलपापक्षयपूर्वकसलाभीष्टसिद्धये शिवप्रीत्यर्थं च शिवपूजनमहं करिष्ये

  • व्रत रखने वाले को फल, फूल, चंदन, बिल्व पत्र, धतूरा, धूप व दीप से रात के चारों प्रहर में शिवजी की पूजा करनी चाहिए साथ ही भोग भी लगाना चाहिए। 
  • दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अलग-अलग तथा सबको एक साथ मिलाकर पंचामृत से शिवलिंग को स्नान कराकर जल से अभिषेक करें। 
  • चारों प्रहर की पूजा में शिवपंचाक्षर मंत्र यानी ऊं नम: शिवाय का जाप करें। 
  • भव, शर्व, रुद्र, पशुपति, उग्र, महान, भीम और ईशान, इन आठ नामों से फूल अर्पित कर भगवान शिव की आरती और परिक्रमा करें। 
     
  • इसके बाद आखिरी में भगवान से प्रार्थना इस प्रकार करें

नियमो यो महादेव कृतश्चैव त्वदाज्ञया।
विसृत्यते मया स्वामिन् व्रतं जातमनुत्तमम्।।
व्रतेनानेन देवेश यथाशक्तिकृतेन च।
संतुष्टो भव शर्वाद्य कृपां कुरु ममोपरि।।

  • अगले दिन (5 मार्च, मंगलवार) सुबह सुबह नहाकर भगवान शंकर की पूजा करने के बाद व्रत का समापन करें।

दिनभर में पूजा के शुभ मुहूर्त

  • सुबह 07:15 से 08:14 तक
  • सुबह 09:43 से 11:10 तक
  • दोपहर 02:02 से 03:30 तक
  • दोपहर 03:30 से शाम 04:39 तक

शिवरात्रि पूजा के शुभ मुहूर्त

 
  • पहले प्रहर की पूजा - शाम 06:22 से रात 09:28 तक
  • दूसरे प्रहर की पूजा - रात 09:28 से 12:35 तक
  • तीसरे प्रहर की पूजा - रात 12:35 से 03:41तक
  • चौथे प्रहर की पूजा - रात 03:41 से अगले दिन सुबह 06:48 तक