विवाह जीवन की समस्याओं के कारण

 देखा गया है कि विवाह के लिए अधिकांश माता पिता केवल वर कन्या के जन्म नक्षत्र के आधार पर गुण मिलान के आधार पर ही विवाह जैसे जीवन के सबसे अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर  जानकारी के आभाव या अन्य किसी कारण से विवाह कर देते हैं, बाद में तलाक ,आत्महत्या, मुकद्दमा आदि अनेक प्रकार की समस्या से जीवन भर परेशान रहते हैं,  दैनिक जीवन में कई तरह के उतार चढ़ाव का सामना कर रहे हो सकते हैं लेकिन कारणों को पहचानने में आप अक्सर असफल हो सकते हैं. ऐसी परिस्थिति में, ज्योतिष एक बहुत ही लाभदायक भूमिका निभाता है। ज्योतिष आपके जीवन के सभी क्षेत्रों के बारे में भविष्यवाणी करता और इस प्रकार से आपकी अपनी समस्या या मामले के सही कारण पता करने में मदद करता है।साथ ही शास्त्रों के अनुसार उपाय भी बताता है, बीमारी में आप सम्बन्धित बीमारी के विशेषज्ञ को तलाश करते हैं, लेकिन ज्योतिष के उपचार के लिए पहचान के पंडित जी, या फ्री में सलाह जिससे मिल सके उसका चयन करते हुए अक्सर लोगों को देखा है, आप इस तरह कोई लाभ जीवन में नहीं पा सकते हैं, विवाह का मिलान गुण के साथ कुंडली के अनुसार भी अवश्य कराए, कुण्डली में गुरू , दाम्पत्य सुख कारक शुक्र की स्थिति के अतिरिक्त दोनों का चन्द्रमा भी एक दूसरे से 6,8,12 का नहीं होना चाहिए। मांगलिक दोष, एवं सप्तमेश की स्थिति पर विचार अवश्य किया जाना चाहिए । जब बच्चों के विवाह हम उनके सुखी जीवन की कामना से करते हैं तो केवल गुणमिलान के आधार पर विवाह करना उनके साथ अन्याय है, अन्य विद्वानों के मत अलग हो सकते हैं ।

 

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