वृश्चिक (Scorpio)

Month: 
मार्च

कैरियर और व्यापारः इस मार्च के महीने मे आप अपने व्यापार को उच्च करने के लिए सोचेंगे। किन्तु साधनों व मानव श्रम की कमी के कारण आपको इस माह के पहले में कोई खास सफलता नहीं रहेगी। दूसरे भाग में आपका प्रबंधन कुछ तेजी पकड़ लेगा जिससे आप व्यापारिक मुनाफे की तरफ बढ़ते रहेंगे। कैरियर को भी आप इस माह के दूसरे से चौथे भाग में गति देने में अधिक सक्षम रहेंगे। हालांकि चुनौतियां रहेगी।

प्रेम एवं सम्बंधः मार्च महीने के पहले भाग में जहाँ आप अपने परिवार के साथ अधिक सहयोग देने के लिए तैयार रहेंगे। वहीं प्रेम संबंधों में भी आपको बढ़त अर्जित रहेगी। जिससे आप अपने संबंधों में अधिक उत्साहित रहेंगे। वैसे पहले भाग में परेशानियों से इंकार नहीं किया जा सकता है। किन्तु दूसरे भाग में आप संवादों को तेज करने में लगे रहेंगे। जिससे इस माह के चतुर्थ में आप निजी संबंधों में मधुरता को प्राप्त कर लेंगे।

वित्तीय स्थितिः इस मार्च के माह में आप अर्थ लाभ हेतु पहले से अधिक जहाँ सक्रिय रहेंगे। वहीं साधनों को जुटाने के साथ कुछ अनावश्यक खर्चों को भी रोकने के लिए तैयार रहेंगे। हालांकि आपको इसके लिए कुछ अतिरिक्त परिश्रम भी करना पड़ सकता है। जिसके शुभ परिणाम आपको इस माह के दूसरे भाग में प्राप्त रहेंगे। वैसे तीसरे भाग में आपको कुछ देनदारी चुकाने की चिंता रहेगी। चतुर्थ भाग सामान्य रहेंगे।

शिक्षा एवं ज्ञानः इस मार्च माह को आप जहाँ शैक्षिक पहलुओं को सुधारने के लिए उपयोग में लेना चाहेंगे। वहीं अपने तकनीक ज्ञान को बढ़ाने के लिए अधिक तत्पर रहेंगे। वैसे आपके पढ़ने की सक्रियता इस माह के दूसरे व चौथे भाग में अधिक रहेगी। जिससे आपको शुभ परिणाम रहेंगे। किन्तु तीसरे भाग में कुछ कठिनाइयों का दौर होने से आप परेशान  रहेंगे। जिससे सफलता हेतु आपको कुछ कडे़ निर्णय लेने पड़ सकते हैं।

स्वास्थ्यः मार्च के महीने में आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। जिससे आप अपने काम-काजी जीवन में पहले से कहीं अधिक सक्रिय रहेंगे। हालांकि इस माह के पहले व दूसरे भाग शुभ परिणाम देने वाले रहेंगे। इसके बाद आपको कुछ परेशानियां रक्त चाप, बदन दर्द, जुकाम व खांसी की स्थिति रहेगी। किन्तु चतुर्थ भाग में आप पुनः स्वास्थ्य में सबलता को प्राप्त करने तथा बीमारियों को दूर करने में कामयाब रहेंगे।

उपयोगी उपायः वृश्चिक राशि के जातकों को निम्नांकित उपाय करने चाहिए जो निश्चित ही फलदायक रहेगेः

1.   श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।