दक्षिणकालीस्तोत्रम्

नीलोत्पलदलप्रख्यां शत्रुसङ्घविदारिणीम् ।
नरमुण्डन्तथा खड्गङ्कमलं वरदन्तथा ॥२॥
विभ्राणं रक्तवदनां दंष्ट्राली घोररूपिणीम् ।
अट्टाट्टहासनिरता सर्वदा च दिगम्बराम् ॥३॥
शवासनस्थितां देवीं मुण्डमालाविभूषिताम् ।
इति ध्यात्वा महादेवी ततस्तु हृदयं पठेत् ॥४॥
काली दक्षिणकाली च कृष्णरूपा परात्मिका ।
मुण्डमाली विशालाक्षी सृष्टिसंहासकारिका ॥५॥
स्थितिरूपा महामाया योगनिरद्रा भवात्मिका ।
भगसर्पि: पानरता भगोद्योता भगाङ्गजा ॥६॥
आद्या सदा नवा घोरा महातेजा: करालिका ।
प्रेतवाहा सिद्धिलक्ष्मीरनिरुद्धा सरस्वती ॥७॥

आभामण्डल हमारा सुरक्षा चक्र होता है,

आभामण्डल हमारा सुरक्षा चक्र होता है, विज्ञान के स्तर पर समझने के लिए इसे हम antenna कहकर सम्बोधित कर सकते हैं । जैसे पुराने time में antenna तरंगों को catch करके हमारे TV में भेजता था, हमारे आभामण्डल का भी यही कार्य है, यह ब्रह्माण्ड की तरंगों को catch करता है । मन, आभामण्डल, सुक्ष्म शरीर ये सब एक ही है, बस अलग अलग स्तर पर नाम अलग अलग हैं ।

संकटमोचक हनुमान अष्टक:

हनुमान

संकटमोचक हनुमान अष्टक:

संकटमोचन की कामना से ही श्रीहनुमान स्मरण के लिए सबसे आसान और असरदार स्तुति है - संकटमोचक हनुमान अष्टक...... यह ऐसा पाठ है, जिसमें हनुमान की शक्तियों और गुणों का भाव भरा स्मरण और गुणगान है, जिससे ग्रहदोष शांति भी होती है !!

बालि की त्रास कपीस बसै गिरी, जात महा प्रभु पंथ निहारो।

चौंकि महा मुनि शाप दियो, तब चाहिए कौन विचार विचारौ।।

ले द्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के शोक निवारो।

को नहीं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।2।।

अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो।

ज्योतिष में रोग फलित विचार। 100%सटीकता के साथ।

मैं,रवि कुमार ज्योतिष का एक विद्यार्थी हूँ,इलाहाबाद  का रहने वाला हूँ,  एक मरीज के बारे में मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या स्थिति होगी ,तो मैंने  उनके बारे में जानने के लिए पी. सी.शुक्ला सर जी, जो इज्जत नगर, बरेली में रहते हैं, रेल विभाग में  कार्यरत हैं,  आपसे  संपर्क किया,जिसके बारे में उनकी एक -एक गणना सही थी  गणना के कुछ तथ्य आप लोगो को बताना चाहता हूँ -
     - 1/12/18को मरीज को एडमिट किया गया ,तो सर ने बताया कि लीवर की,ब्लड की, यूरिन की और कब्ज की,भूख न लगने की समस्या होगी जो बिल्कुल सही थी
  -- उन्होने बताया कि 7/12/18 तक प्रापर दवा शुरू 

जीवन और ज्योतिष

ऐसी गणना जीवन में नहीं देखी । -----------------------------
बात 9 दिसम्बर 2018 की है,श्री 
पी. सी. शुक्ला सर को मैंने  एक प्रश्न  कुण्डली भेजा था। सर ने  उसी समय तुरन्त ही मुझे बताया कि आप मरीज के पास नहीं  हो जो कि बिल्कुल सत्य था । आगे यह भी बताया कि उनकी पत्नी भी उनके साथ नहीं है । मैने इस बात को उनसे कन्फर्म भी किया, कि इस दुनिया मे, या उनके साथ , तो सर ने तुरन्त ही बताया कि उनके साथ। यह आश्चर्य की ही बात है कि सिर्फ प्रश्न कुण्डली से यह कैसे सम्भव है। 9 दिसम्बर को सर ने पेशेंट की स्थिति पूछी ब्यस्तता की वजह से 10 को जवाब दिया कुछ स्थिति ठीक लग रही थी।

सात फेरे ही विवाह में आवश्यक क्यों.....

विवाह में सात फेरे ही क्यों लेते हैं ? ★★★★★★★★★★★★ आखिर हिन्दू विवाह के दौरान अग्नि के समक्ष 7 फेरे ही क्यों लेते हैं? दूसरा यह कि क्या फेरे लेना जरूरी है ?

शनि अमावस्या मुहूर्त

5 जनवरी, 2019 के लिए मार्गशीर्ष अमावस्या का मुहूर्त 

जनवरी 5, 2019 को 04:59:40 से अमावस्या आरम्भ

जनवरी 6, 2019 को 06:59:57 पर अमावस्या समाप्त

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