चाणक्य के 15 अमर वाक्य

1)दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक
और महिला की सुन्दरता है।
2)हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है, यह
कड़वा सच है।
3)अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो।
छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार
दो।
सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो।
आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है।"
4)दूसरों की गलतियों से सीखो
अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम
पड़ेगी।
5)किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना
चाहिए।
सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।

कैसे बनता है विषकन्या योग?

बेटी या बेटे के विवाह  वर कन्या के गुण मिलान की औपचारिकता मात्र पर क्यों नहीं करना चाहिए....
      कैसे बनता है विषकन्या योग? 

स्त्री की कुण्डली में विषकन्या योग वनने के लिए निम्नलिखित छः परिस्थितियां नक्षत्र, तिथी और वार ज़िम्मेदार है:                         
 ज्योतिष रहस्य

1- अश्लेषा तथा शतभिषा नक्षत्र, दिन रविवार, द्वितीया     तिथि |

2- कृतिका अथवा विशाख़ा अथवा शतभिषा नक्षत्र दिन रविवार, द्वादशी तिथि |

3- अश्लेषा अथवा विशाखा अथवा शतभिषा नक्षत्र, दिन मंगलवार, सप्तमी तिथि |

4- अश्लेषा नक्षत्र, दिन शनिवार, द्वितीया तिथि |

क्यों और कब नहीं काम करते है ज्योतिषीय उपाय

अक्सर यह सुनने को मिलता है है की उपाय काम नहीं करते या बहुत से उपाय किये किन्तु कोई परिणाम या परिवर्तन नहीं हुआ और परेशानी यथावत है ,बहुत से लोग इसलिए यह भी कहते मिलते है की भाग्य में लिखा कोई नहीं बदल सकता है ,कोई कितने भी उपाय करे ,,,,,तो क्यों नहीं काम करते है ये ज्योतिषीय उपाय ,ऐसा तो हो ही नहीं सकता की जब किसी समस्या या ग्रह दशा के लिए कोई उपाय ऋषियों -गुरुओ ने बनाया है तो उसमे कोई कारण नहीं होगा ,,,जब ग्रह समस्या उत्पन्न करते है तो उनके प्रभाव को कम करने का उपाय भी प्रकृति में उपलब्ध जरूर होगा ,समस्या और निदान दोनों प्रकृति में हमेशा ही रहते है ,यह प्रकृति के संतुलन के लिए भी तो आवश्य

होलिका दहन का शास्त्रोक्त नियम:

होलिका दहन का शास्त्रोक्त नियम

होलिका दहन, होली त्यौहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने की परंपरा है जिसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि आदि नामों से भी जाना जाता है। होली बुराई पर अच्छाई की विजय के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।

होलिका की राख के अचूक उपाय

होलिका की राख के अचूक उपाय

1-यदि कोई व्यक्ति निरन्तर बीमार रहता है, और काफी दवा कराने के बावजूद भी रोग में कोई लाभ नहीं हो रहा है, तो होली दहन के समय देशी घी में दो लौंग, एक बताशा, एक पान का पत्ता इन सभी वस्तुओं को होली जलने वाली आग में डाल दें। अगले दिन होली की राख रोगी के शरीर में लगायें और तत्पश्चात गर्म जल से स्नान करायें। इस उपाय से रोगी शीघ्र ही स्वस्थ्य होने लगेगा।
2-कोई व्यक्ति अभिचार कर्म के कारण अर्थात मारण, विद्वेषण, उच्चाटन, सम्मोहन व वशीकरण से अक्रान्त हो तो वह व्यक्ति उपरोक्त विधि से होलिका की राख शरीर में लगाकर गर्म जल से स्नान कराने से नकारात्मक प्रभाव निर्मूल हो जाता है।

सबसे प्रभावशाली मंत्र, अति दुर्लभ...

भगवान गणपति का अतिदुर्लभ स्त्रोत से संबधित उपाय~ ************************************* इसके पाठ से दुनिया का ऐसा कोई कार्य नही जो सिध्द न हो।एंव बच्चों से संबधित सभी समस्या हेतु यह सर्वतारण उपाय है। जैसे बच्चे न होना या जीवित न रह पाना बच्चा मंद बुद्धि पढ़ने मे पीछे हो, यह विशेष मंत्र बच्चों को रोजगार व्यवसाय प्रदान कर भटकाव भ्रम से मुक्त करता है। इस मंत्र का जाप बच्चे युवा एंव उनके माता पिता कर सकते है। स्त्रोत - -------- एकदंष्ट्रोत्कटो देवो गजवक्त्रो महाबल:। नागयज्ञोपवीतेन नानाभरण भूषित:॥ सवार्थसम्पद् उध्दारो गणाध्यक्षो वरप्रद:। भीमस्य तनयो देवो नायकोsथ विनायक:॥ करोतु मे महाशांति भास्करा

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